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एयर कंडीशनर को चलाने के विभिन्न तरीके और बिजली के बिल पर पड़ते उनके प्रभाव

By on August 27, 2015 with 130 Comments  

अतीत में, एयर कंडीशनर चलाने के काफी सरल विकल्पों के साथ आते थे, जैसे की ओन/ऑफ बटन और उच्च, मध्यम और कम ठन्डे विकल्प| प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सुधार के साथ, आधुनिक दिनों में एयर कंडीशनर में बहुत अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स सुविधा शामिल हो गई है और इस तरह ये संचालित करने के कई विभिन्न तरीको के साथ उपलब्ध भी हैं| इन विधियों में से अधिकांश, एयर कंडीशनर के साथ आये उपयोगकर्ता के मैनुअल में समझाए जाते हैं, लेकिन यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है की बिजली की बचत पर प्रत्येक का क्या व्यक्तिगत प्रभाव पड़ता है|

इस लेख में हम विभिन्न एयर कंडीशनर में उपलब्ध अलग-अलग तरीकों को समझाने की कोशिश करेंगे और उनकी बिजली की बचत की क्षमता का विश्लेषण भी करेंगे|

कूल मोड

कूल मोड, एक तरह का नियमित या डिफ़ॉल्ट मोड है, इसमें एयर कंडीशनर तापमान की स्थापना के अनुसार चलता है और पंखे भी पहले से निर्धारित गति पर ही चलते हैं| इस मोड में बिजली की बचत की क्षमता, एयर कंडीशनर में निर्धारित तापमान पर निर्भर करती है| थर्मल आराम और बिजली की बचत के लिए आदर्श तापमान 25 डिग्री सेंटीग्रेड होता है (और अधिक जानकारी के लिए हमारे लेख को देखे: बिजली की बचत के लिए एयर कंडीशनर का आदर्श तापमान)|

फैन मोड

फैन मोड में पंखा लगातार चलता है और कंप्रेसर बंद रहता है| इससे स्पष्ट रूप से ऊर्जा की बचत पर अच्छा प्रभाव पड़ता है, क्योंकि कंप्रेसर बंद होता है| कंप्रेसर एक एयर कंडीशनर का सबसे अधिक बिजली लेने वाला घटक होता है| लेकिन एयर कंडीशनर का एक नकारात्मक पक्ष यह भी है की जब कंप्रेसर बंद होता है तो कोई ठंडक नहीं होती है| इस मामले में छत के पंखे का उपयोग करना बेहतर होता है।

ड्राई मोड

एक वर्ष में कुछ दिन ऐसे भी होते है, जब नमी कष्टकारी स्तर तक होती हैं और इस कारण आराम में कमी भी आती है| यदि आप समुद्र के करीब के एक शहर में स्थित हैं, तो इस मामले में यह और अधिक कष्टकारी होता है| ऐसी असुविधा हमे मानसून के दौरान भी महसूस होती है| उन दिनों के दौरान सिर्फ कमरे की नमी को दूर करने से ही बहुत आराम मिलता है| एयर कंडीशनर को ड्राई मोड में चलाने पर मदद मिलती है क्यूंकि यह हवा में अतिरिक्त नमी को हटा देता है| अतिरिक्त नमी को दूर करने के लिए पंखा कम गति से चलता है और कंप्रेसर सिर्फ बड़े चक्र में छोटी अवधि के लिए चलता है| यह निश्चित रूप से उच्च आर्द्रता के दिनों के दौरान बिजली की बचत का अच्छा विकल्प प्रदान करता है, क्यूंकि पंखे की मोटर धीमी गति से चलती है और कंप्रेसर भी छोटे अवधि के लिए ही चलता है| हालांकि, इस मोड में एयर कंडीशनर बहुत अधिक ठंडी हवा नहीं फेकता है, मंशा सिर्फ हवा को सुखाना होती हैं ना की कमरे को अत्यधिक ठंडा करना|

कृपया ध्यान दें कि यह सिर्फ मात्र एक डीह्यूमीडिफिएर के रूप में ही काम नहीं करता (जिसमे हवा को बहुत शुष्क बनाने की क्षमता होती है), लेकिन यह कमरे को आरामदायक बनाने के लिए भी काफी अच्छा होता है|

ऊर्जा या पावर सेवर मोड

कूल मोड में जब तापमान थर्मोस्टेट में निर्धारित स्तर तक पहुँच जाता है, तो बंद हो जाता है लेकिन पंखा चलता रहता है| कमरे का तापमान बढ़ने पर कंप्रेसर फिर से शुरू हो जाता है| ऊर्जा सेवर या पावर सेवर मोड में जब तापमान थर्मोस्टेट में निर्धारित स्तर तक पहुँच जाता है, तो पंखा भी बंद हो जाता है| तो यह बिजली बचाने में कैसे मदद करता है?

  • सबसे पहले स्पष्ट रूप से लगातार चल रहे पंखे में खर्च होने वाली बिजली की बचत होती है|

  • कूल मोड में पंखे का उपयोग केवल कमरे में ठंडी हवा को फेकना ही नहीं है बल्कि यह तापमान की जांच करने के लिए घर के अंदर की हवा को थर्मोस्टेट तक लाने में मदद भी करता है| पावर सेवर मोड में, पंखा कुछ मिनट के लिए बंद हो जाता है और कंप्रेसर तब तक नहीं शुरू होता, जब तक की पंखा बढ़े हुए तापमान के कारण फिर से चालू नहीं होता है| इससे कंप्रेसर चक्रों के बीच का समय बढ़ जाता है, जिससे यह कम चलता है और इस तरह बिजली की महत्वपूर्ण बचत होती है|

क्या यह आराम के स्तर में कमी करता है? यदि कमरा अच्छी तरह से इंसुलेटेड है, तो ऐसा कतई नहीं हो सकता है| हालांकि, तापमान थोड़ा जरूर बढ़ सकता है (परन्तु बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं होती हैं) और यदि इससे आपको परेशानी नहीं हो रही है, तो यह मोड आपके लिए बिजली बचाने के लिए सबसे सही मोड है| हालांकि, इसमें एक खामी जरूर है, इसका पंखा बंद और चालू होने पर हरबार ध्वनि करता है, और यदि ध्वनि आपकी नींद में विध्न डालती है, तो यह आपके लिए बेहतर मोड नहीं हो सकता है|

त्वरित कूल मोड

यह निश्चित रूप से बिजली की बचत का मोड नहीं है| वास्तव में यह और अधिक बिजली की खपत करता है| वातानुकूलन के लिए आदर्श तापमान 25 डिग्री सेंटीग्रेड होता है ,लेकिन इस विकल्प में एसी 16 या 18 डिग्री सेंटीग्रेड पर शुरू होता है। यदि कमरे का तापमान ३5 डिग्री है, तो फिर इसे 25 डिग्री तक पहुँचने के लिए लगा समय कूल मोड और त्वरित कूल मोड दोनों में ही सामान होगा (पंखे की उच्च गति के साथ)| वास्तव में यदि आप तापमान को 25 पर रखना पसंद करते हैं तो अतिरिक्त बिजली 16 या 18 तक इसे नीचे लाने के लिए खर्च होगी जिसकी कोई विशेष आवश्यकता नहीं होती है|

स्लीप मोड

स्लीप मोड हर घंटे के बाद थर्मोस्टेट तापमान एक डिग्री बढ़ा देता है जब तक सेट तापमान, सेट स्तर से दो डिग्री तक न बढ़ जाएं| यदि आप कम तापमान पर निद्रा लेना पसंद करते है तो यह स्लीप मोड, बिजली बचाने में अपेक्षित मदद करता है, क्यूंकि आप तापमान में हर डिग्री वृद्धि के साथ, बिजली की महत्वपूर्ण बचत करते हैं| यदि थर्मल आराम ही आपकी प्राथमिकता है, तो २5 डिग्री पर कूल मोड या ऊर्जा सेवर मोड का उपयोग करना ही बेहतर होगा|

6 सेन्स मोड (व्हर्लपूल एसी के लिए)

व्हर्लपूल प्रौद्योगिकी कमरे के तापमान के आधार पर पंखे की गति (उच्च, मध्यम या कम) को समायोजित कर देती है| यह निश्चित रूप से, कूल मोड से अधिक लाभप्रद है क्यूंकि यह पंखे की मोटर पर खर्च होने वाली बिजली की महत्वपूर्ण बचत करता है|

क्या एयर कंडीशनर में स्वचालित फिल्टर सफाई सुविधा होना अच्छा है?

एयर कंडीशनर में एक स्वचालित फिल्टर सफाई सुविधा होना निश्चित रूप से अच्छा होता है| एक साफ फिल्टर, यह सुनिश्चित करता हैं कि एयर कंडीशनर से बाहर आती ठंडी हवा और कमरे में पहले से मौजूद हवा का प्रवाह निर्बाध रहे| वह यह भी सुनिश्चित करता है कि थर्मोस्टेट ठीक से एयर कंडीशनर का सही संचालन करने में सक्षम है और इस प्रकार, वह बिजली की आवश्यक बचत भी कर सके|

एयर कंडीशनर को सही मोड में चलाने पर हमेशा आपको बिजली की आवश्यक बचत के लिए मदद मिल सकती है, इसलिए आप कृपया हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आपने सही मोड चुना है| भविष्य में भी हम इस लेख व विषय को अद्यतन रखेंगे, जैसे ही हम मोड और विभिन्न ब्रांडों के एयर कंडीशनर में उपलब्ध विकल्पों पर और अधिक अनुसंधान कर पाएंगे|

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