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पावर स्ट्रिप्स या सर्ज रक्षक, अतिरिक्त बिजली कटौती रोकने में मदद करते हैं तथा बिजली बिल में महत्वपूर्ण नियंत्रण प्रदान करते हैं|

By on August 27, 2015 with 3 Comments  

आप कैसा महसूस करेंगे अगर आपको कुछ ऐसा भुगतान करना पड़े जिसका आपने उपयोग तक नहीं किया हो? अधिकांश लोगों को तो  निश्चित रूप से बुरा लगता हैं, अन्यथा उनके पास असीमित धन-दौलत हो, और पैसे खर्च की उन्हें कोई ज्यादा परवाह न हो| स्टैंडबाई-बिजली के लिए भुक्तान या अत्याधिक-अधिक बिजली का भुगतान इसके सटीक उदाहरण होते हैं| हमने हमारे एक पिछले लेख में – प्लग प्वाइंट को स्विच-ऑफ करें, में स्टैंडबाई-बिजली विषय का जिक्र किया था| स्टैंडबाई-बिजली वो “बिजली” होती हैं, जिसका आप उपभोग तो नहीं करते, परन्तु आपको इसका भुगतान अवश्य करना पड़ता हैं|

कई उपकरण जैसे टेलीविजन, सेट-टॉप बॉक्स, म्यूजिक सिस्टम, कंप्यूटर, आदि, जब तक मुख्य प्लग प्वाइंट से बंद न हो, बिजली की खपत करते रहते हैं और इस कारण आपको उपभोग नहीं करते रहने के बाद भी खपत हुई बिजली का भुगतान करना पड़ता हैं| यह जांच करने के लिए की कोई उपकरण स्टैंडबाई मोड में कितनी बिजली का उपभोग करता हैं, लॉरेंस बर्कले प्रयोगशाला ने अनुसन्धान कर इस लिंक में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की हैं – स्टैंडबाई बिजली सारांश|

पावर स्ट्रिप्स या सर्ज रक्षक कैसे मदद कर सकते हैं

पावर स्ट्रिप्स या सर्ज रक्षक को विस्तार ब्लॉकों के रूप में भी जाना जाता है, इनका उपयोग विगत कुछ दिनों में बढ़ गया है|  अधिकांश लोग इनको डेस्कटॉप, कंप्यूटर या मोडेम/लैपटॉप के साथ उपयोग करते हैं| इनमे कई विद्युत शक्ति पावर पॉइंट्स होते हैं, जिसको एक ही मुख्य बिजली के सॉकेट से नियंत्रित किया जा सकता है| इस प्रकार, यह न सिर्फ एक बिंदु से कई कनेक्शन प्रदान करते हैं, अपितु यह उपकरणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते है,  इनके माध्यम से एक निश्चित मात्रा में की बिजली का प्रवाह होता हैं|

आमतौर पर ज्यादातर लोग विभिन्न उपकरणों के चारों ओर लटके तारों को छुपाने की चेस्टा करते है। इस कारण, बिजली के कई स्विच छुपे हुए रहते हैं, जो इनके संचालन में भी असुविधा प्रदान करते हैं| इसी वजह से एक पावर पट्टी के माध्यम से एकमात्र  प्लग प्वाइंट का इस्तेमाल किया जा सकता, जो भली-भाति साफ़ दिखाई भी दे सकें| इस प्रकार यह विभिन्न उपकरणों की बिजली की आपूर्ति के कुशल प्रबंधन के साथ-साथ अतिरिक्त तारों को छुपाने का आसान तरीका भी मुहैया करता हैं|

स्मार्ट या ऊर्जा की बचत वाले पावर स्ट्रिप्स और मददगार साबित हो सकते हैं

इन दिनों, ‘स्मार्ट’ या ऊर्जा बचत पावर स्ट्रिप्स भी बाजार में उपलब्ध है। इन स्मार्ट या ऊर्जा बचत पावर स्ट्रिप्स में कई ‘इनबिल्ट’ विशेषताएं होती हैं, जिससे बिजली की मात्रा एक निश्चित सीमा से नीचे जाने के उपरांत यह स्वचालित रूप से बिजली की आपूर्ति में कटौती कर सकता हैं, या आपूर्ति/संचालन को रोक सकता हैं| इसके लिए इनमे विशेष रूप से डिजाइन सेंसर सर्किट होता हैं, जिससे यह बिजली को मुख्य तार से  कट-ऑफ कर देता हैं|

क्यूंकि यह पावर स्ट्रिप्स वाट क्षमता पर निर्भर होती हैं, हमको यह सुनिश्चित करना पड़ता हैं की इन उपकरण  की स्टैंड-बाई  क्षमता इनकी निर्दिष्ट वाट क्षमता की तुलना में अधिक न हो| अगर, यह अधिक होती हैं, तब उस अवस्था में  उपकरण उपयोग में  नहीं लाया जा सकें| उदाहरण के लिए अगर वाट क्षमता 30  वाट हो और ‘प्लाज्मा’ टीवी, जिसका स्टैंड-बाई निर्दिष्ट वाट क्षमता की तुलना में अधिक होता हैं, उस अवस्था में  प्लाज्मा टीवी उपयोग में  नहीं लाया जा सकता हैं| तो हमे यह सुनिश्चित करना पड़ेगा की पावर स्ट्रिप्स सही तरह के उपकरण से ही जुड़े हुए हो|

कुछ पावर स्ट्रिप्स में ‘ड्यूल कंट्रोल मैकेनिज्म’ होता हैं अर्थात कुछ स्विच स्वचालित रूप से बंद हो सकते हैं और शेष को ‘मैन्युअल’ रूप से बंद किया जाता हैं| यह उन अवस्था में अच्छे माने जातें हैं, अगर हम एक टीवी और एक डीवीर को  एक साथ कनेक्ट करना चाहते हैं, और हम डीवीर को स्वचालित रूप से बंद नहीं करना चाहते हैं, ताकि उसके माध्यम से कुछ कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग की जा सकें| हालांकि, टीवी  स्मार्ट पट्टी के माध्यम से स्वचालित रूप से स्वत: बंद हो सके|

क्यूंकि भारत में स्मार्ट पावर स्ट्रिप्स थोड़े महंगे होते हैं, भारत में (उनमें से ज्यादातर आयात ही हो रहे  हैं ), इसलिए लोगो को नियमित पावर स्ट्रिप्स ही उपयोग में लाने चाहिए| स्मार्ट पावर स्ट्रिप्स का उपयोग, हमे तब करना चाहिएं जब हमे अधिक उपकरणों का उपयोग करना हो या फिर बहुत लंबी अवधि के लिए इनको उपयोग में लाना हो| यह  पावर स्ट्रिप्स कार्यालयों में उपयोग के लिए अच्छे मानें जातें हैं, क्यूंकि वाणिज्यिक कनेक्शन के लिए टैरिफ दर भी अधिक होता हैं और यह स्टैंडबाई बिजली का अधिक सेवन होने से बचाने में भी निश्चित रूप से महत्वपूर्ण मदद कर सकते हैं।

About the Author:
Abhishek Jain is an Alumnus of IIT Bombay with almost 10 years of experience in corporate before starting Bijli Bachao in 2012. His passion for solving problems moved him towards Energy Sector and he is keen to learn about customer behavior towards Energy and find ways to influence the same towards Sustainability. .

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