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वाट, किलोवाट और बिजली की अन्य इकाइयां (यूनिट्स) क्या होती हैं ?

By on December 7, 2019 with 385 Comments  

जब हमे अपना बिजली का बिल मिलता है, तब हमे यह पता चलता है कि, हमने एक निश्चित अवधि में बिजली की कितनी इकाइयों (यूनिट्स) का कितना उपभोग किया है| जब हम उपकरणों को खरीदने के लिए जाते हैं, उनमें से ज्यादातर पर वाट का ही उल्लेख होता है| अगर आपको दोनों के बीच का संबंध समझने में कठिनाई होती हैं, तो समझिये की आप अकेले नहीं हैं| बिजली बिल और उसके घटक, कई को भ्रमित करने में सक्षम होते हैं| इस लेख के माध्यम से हम यह समझाने का प्रयन्त करेंगे कि वाट, किलोवाट और बिजली की अन्य इकाइयां (यूनिट्स) क्या हैं और वह आपस में एक दूसरे से कैसे संबंधित हैं |

वाट और बिजली इकाई (यूनिट)

वाट और बिजली इकाई (यूनिट), ऐसे दो शब्द हैं, जो एक दूसरे के लिए इतना उपयोग होते हैं, कि बहुतो को ऐसा लगता हैं की मानो यह दो शब्द एक ही हैं| दिलचस्प बात यह है, कि उनमें से दोनों के वास्तविक अर्थ बहुत अलग है| वाट बिजली के इस्तेमाल करने का वास्तविक दर है, और बिजली इकाई (यूनिट) उसकी वास्तविक खपत होती हैं| एक समानता देने के लिए, अगर वाट गति कि भाति होती हैं, तब बिजली इकाई (यूनिट) वास्तविक दूरी के समान है|

तो वाट x समय = बिजली इकाई (यूनिट)  (जैसे गति x समय = वास्तविक दूरी)

वाट और हॉर्स पावर के बीच संबंध

वाट पावर की इकाई है जब हम बिजली के बारे में बात करते हैं और हॉर्स पावर भी पावर की इकाई है लेकिन जब हम यांत्रिक शक्ति जैसे कि इलेक्ट्रिक पंप आदि के बारे में बात करते हैं। पंप को हार्सपावर HP से प्रदर्शित किया जाता है, इसलिए यह समझना भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि एक बिजली पंप कितनी एनर्जी का उपभोग करेगा ।

एक अश्वशक्ति (HP) = 746W; और ऊर्जा की खपत नीचे बताई गई है।

बिजली की दर  

बिजली की दर हमेशा वाट (W) या किलोवाट (kW) में प्रतिनिधित्व की जाती है| एक हजार (1000) वाट एक किलोवाट बनाते हैं| तो अगर किसी भी उपकरण का मूल्यांकन 1.2 किलोवाट के रूप में किया गया है, तो इसका मतलब हैं कि उपकरण बिजली की खपत 1200 W की दर से कर रहा हैं|

जैसा कि हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं, कि वाट बिजली के इस्तेमाल करने का वास्तविक दर है, न कि वास्तविक खपत|  वाट (W) या किलोवाट (kW) केवल बिजली के इस्तेमाल करने का वास्तविक दर बताते हैं, न कि बिजली की प्रति घंटा खपत| इसका मतलब यह हैं कि, अगर आप 100 W बल्ब ख़रीदे, यह बिजली की 100 यूनिट का उपभोग नहीं करता है, बल्कि 100 वाट की दर से बिजली की खपत करता हैं|

बिजली की इकाईयां (यूनिट्स)

एक बिजली की इकाई (यूनिट) (जिसका बिजली के बिल पर उल्लेख होता हैं) को kWh या किलोवाट-घंटे में प्रतिनिधित्व किया जाता है| यह बिजली की वास्तविक खपत होती हैं| अगर आप 1 घंटे के लिए बिजली के 1000 वाट या 1 किलोवाट का उपयोग करते हैं तो आप 1 इकाई (यूनिट) या बिजली की 1 किलोवाट-घंटे (kWH) की खपत करते हैं|

बिजली मीटर की रीडिंग, बिजली के वास्तविक इस्तेमाल का प्रतिनिधित्व करता है| जैसे एक ओडोमीटर वाहन की वास्तविक दूरी का पता लगाता हैं, वैसे ही एक बिजली मीटर बिजली की  वास्तविक खपत बताता हैं| तो अगर एक 100 वाट बल्ब को 10 घंटे के लिए जलाएं, तो वह बिजली की खपत निम्न अनुसार बताएगा:

100 x 10 = 1000 वाट-घंटे = 1 किलोवाट-घंटे (kWH) = 1 इकाई (यूनिट) (आपके मीटर पर)|

किसी भी उपकरण से कुल खपत का आकलन:

अब जब हमने यहाँ काफी चीज़ों को गहराई के साथ समझा दिया है| इसका मकसद यही हैं कि हम आपके लिए इकाइयों (यूनिट्स) की गणना को आसान बनाना चाहते हैं| अधिकांश उपकरणों में उनकी वाट क्षमता (उनके कंटेनर बॉक्स पर या फिर उपकरण में कहीं भी) लिखी होती हैं| जब आपको वाट क्षमता का ज्ञात हो जाए, फिर आपको यह पता लगाने की जरूरत है कि आप एक दिन में कितने घंटे उस उपकरण का इस्तेमाल करना चाहते हैं| उसके बाद आप नीचे सूत्र का उपयोग कर सकते हैं:

दैनिक इकाइयां (यूनिट्स) = (वाट क्षमता x प्रति दिन उपयोग घंटे) ÷ 1000

मासिक इकाइयां (यूनिट्स) = दैनिक इकाइयां (यूनिट्स) x 30 (or 28,29,30 महीने के आधार पर)

कृपया ध्यान दें, कि यह सूत्र हमेशा काम नहीं आ सकता| इस सूत्र की अपनी सीमाएं हैं,  एयर कंडीशनर, वॉटर हीटर, आयरन (कोई भी गर्म या ठंडा डिवाइस) और पंप जैसे उपकरणों के लिए, यह सूत्र हमेशा उपयोगी नहीं हो सकता|

इसी प्रकार, एक हॉर्सपावर = 746W के बराबर होता है, जिसका अर्थ है कि अगर एक हॉर्सपावर पंप एक घंटे तक लगातार पूरी रेटिंग पर काम करता है, तो यह 0.746 यूनिट बिजली की खपत करेगा।

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About the Author:
Abhishek Jain is an Alumnus of IIT Bombay with almost 10 years of experience in corporate before starting Bijli Bachao in 2012. His passion for solving problems moved him towards Energy Sector and he is keen to learn about customer behavior towards Energy and find ways to influence the same towards Sustainability. .

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