Unbiased Information and Reviews on Appliances, Solar and Saving Electricity

बिजली कटौती क्यों होती है?

By on August 27, 2015 with 0 Comments  

भारत में “बिजली कटौती” वाक्यांश से ज्यादातर लोग भली-भाति परिचित है। हममें से लगभग सभी ने अपने जीवन में, कुछ सुनियोजित और कुछ अनियोजित रूप में बिजली कटौती, को काफी बार देखा है| हम उस दौरान सरकार या बिजली वितरण कंपनी को कोस कर बिजली कटौती का सामना करते हैं, और अपना समय व्यतीत करते हैं| अपने बचपनकाल में मैं अक्सर यह सोचता था की शायद बिजली सीमित मात्रा में ही मौजूद हैं और हम हमेशा इसका उचित इस्तेमाल के लिए इसको संतुलित करते रहते हैं, ताकि हर कोई इसका समुचित इस्तेमाल कर सके| बचपन में हम अक्सर राशन की दुकानों के माध्यम से चीजो को वितरित होते देखते थे, शायद इस लिए हमे ऐसा लगता हो| जब मैं मुंबई आया तब मैंने पाया की यहाँ बिजली कटौती बिलकुल नहीं हैं और मैं इस सोच में पड़ गया की क्या राशन को लेकर मेरी अवधारणा गलत थी| लेकिन हाल के वर्षों में, मेरे बिजली क्षेत्र में कार्य के कारण, मैं बिजली कटौती और उसके होने की वजहों को अच्छी प्रकार समझ पाया हूं| इस लेख के माध्यम से, मैं अपनी समझ को शब्द दूंगा| नीचे बिजली कटौती होने के कुछ कारण प्रस्तुत हैं:

संसाधनों की कमी

हाल ही में हम एक बिजली दुकान पर थे और हम वहां ऊर्जा कुशल उपकरणों को खरीदने की कोशिश कर रहे थे| दुकान के मालिक के साथ हमारी बातचीत के दौरान, उन्होंने बताया की, “हमारे देश की बिजली समस्या तभी हल होगी, जब कोयला संबंधित सभी प्रकार के भ्रष्टाचार समाप्त हो जायेंगे”| देश में उनके जैसे कई लोग हैं, जिन्हे भी कुछ ऐसा ही लगता हैं की बिजली कटौती के लिए कोयले की कमी ही जिम्मेदार हैं। एक हद तक तो यह सच है, लेकिन इसमें पूरी वास्तविकता भी नहीं है| हाल ही में मैं एक राज्य में विद्युत क्षेत्र संबंधित एक बैठक में था, जहाँ सरकारी अधिकारियों ने हमे बताया की हमारे पास 2020 तक बिजली उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त ईंधन मौजूद हैं| तो फिर समस्या क्या है?

सभी इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधित समस्याओं की तरह यहां तक ​​की बिजली के क्षेत्र में भी, समस्या क्षमता के साथ ही है| हमारे पास पर्याप्त बिजली पैदा करने के लिए पर्याप्त क्षमता मौजूद नहीं है और हर बार हम जब क्षमता में इज़ाफ़ा करते हैं, तब तक बिजली मांग में भी समान वृद्धि हो जाती है, इस प्रकार हमेशा बड़ी हुई क्षमता, हमेशा मांग की संपूर्ण पूर्ती में अपर्याप्त ही रहती है|

आपको एक सादृश्य देने के लिए, भारत देश, में सभी तरह की यात्राओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए चौड़ी सड़कों की बहुत जरूरत है|

विभिन्न शहरों में पीक यातायात संभालने के लिए पर्याप्त सड़कों का अभाव हैं| इन घंटो के दौरान ट्रैफिक जाम काफी आम होता हैं| लेकिन नॉन-पीक घंटो के दौरान भी क्या जाम होता हैं? उत्तर हैं नहीं| इसी प्रकार बिजली की मांग भी पीक घंटो के दौरान बहुत अधिक रहती है| हमारे पास इन घंटो के दौरान बिजली सप्लाई के लिए समुचित व्यवस्था का बहुत हद तक अभाव रहता हैं, जिसका परिणाम होता हैं – बिजली कटौती| बिजली ऐसी वस्तु नहीं हैं, जिसे जरूरत पड़ने पर इच्छानुसार उत्पन्न, संग्रहीत और वितरित किया जा सके है| यह जैसे ही उत्पन्न होती है, इसे तुरंत वितरित किया जाता है| ठीक उसी प्रकार जैसे हमे पीक यातायात घंटों के दौरान व्यापक सड़कों की आवश्यकता होती हैं, हमे शिखर खपत घंटो के दौरान और अधिक बिजली उत्पादन की जरूरत पड़ती है| अन्य सभी घंटो के दौरान भार संभालने के लिए शायद बिजली पर्याप्त उपलब्ध होती है| इस प्रकार बिजली कटौती पीक घंटे के दौरान ही होती हैं| इसलिए हमे उन जगहों को जरूर प्राथमिकता देनी चाहिए, जहाँ आवश्कता अधिक हो| यह एक तरह से वैसे ही होता हैं, जैसे यातायात को नियंत्रित करने के लिए सड़क पर एक यातायात पुलिस मौजूद होता है।

हर साल हम यह सुनते हैं की कई जगह नई सड़कों, पुलों एवं नए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है| लेकिन, अक्सर हम यह भी देखते हैं की जैसे ही वह परियोजना खत्म होती हैं, यातायात इतना बढ़ चुका होता हैं, की यह संपूर्ण लोड से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं रहता हैं| इसी तरह हर साल नई विद्युत परियोजनाओं को शुरू किया जाता हैं, लेकिन जैसे ही वह परियोजना खत्म होती हैं, ऊर्जा की मांग इतनी बाद चुकी होती हैं की उत्पन्न बिजली पर्याप्त नहीं होती है| इस प्रकार, ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती, दोनों में समान स्थिति वैसे ही बनी रहती हैं|




ट्रैफिक जाम जारी रखने का एक प्रमुख कारण यह होता हैं की जैसे ही सड़कों का निर्माण किया जाता हैं, वाहनों की संख्या भी उसी अनुपात में बढ़ता रहता हैं| हम सड़क पर कारों की अधिक से अधिक संख्या देखते रहते हैं, जो प्रभावी रूप से नई सड़कों द्वारा बनाएं गए किसी भी सकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक नकार देते हैं| इसी प्रकार ऊर्जा के साथ भी कुछ ऐसा ही होता हैं, नित्य बढ़ते बिजली उपकरणों की संख्या के साथ हर नयें बिजली संयंत्र का प्रभाव प्रतिवादित हो जाता हैं| उपभोग के लिए हमारी भूख निरंतर बढ़ती रहती है, जिस कारण किसी भी बुनियादी सुविधाओं के विकास का अधिक सकारात्मक प्रभाव बहुत देर तक नहीं रह सकता है|

इसका हमने बार-बार उल्लेख देखा है की एक अच्छे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से हमारी सड़कों पर लोड कम हो सकता हैं| इसी तरह हमे यह भी ध्यान देंने की जरुरत हैं की ऊर्जा दक्षता, हमारे पावर सिस्टम्स पर भार को कम करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है| अगर लोग ऐसे विभिन्न उपकरणों का उपयोग करते हैं, जो कम बिजली की खपत करते हैं और एक ही प्रकार उत्पादन करते हो, तब पावर सिस्टम्स अपने वादे के अनुसार ऊर्जा वितरण करने में सक्षम हो जायेंगे और इस प्रकार बिजली कटौती भी कम हो जाएगी|

इसके अलावा जैसे हमे और अधिक व्यापक और बेहतर सड़कों की जरूरत पड़ती हैं| उसी प्रकार हमे बिजली उत्पन्न करने के लिए और अधिक और बेहतर विद्युत उत्पादन प्रणाली की जरूरत पड़ती है| ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों जैसे रिन्यूएबल स्रोत का उपयोग करके बिजली उत्पादन संबंधित विभिन्न समस्याओं को हल किया जा सकता हैं।

सिस्टम की विफलता

जब हम बड़े हो रहे थे, स्थानीय ट्रांसफार्मर की विफलता के किस्से बड़े ही आम थे| उस दौरान उपयोग में आने वाली प्रणालियां बहुत सक्षम नहीं थी, जिस कारण बिजली कटौती बहुत आम होती थी| यद्यपि, नवीनतम तकनीकों के उपयोग के साथ इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा चुका है| लेकिन देश में बहुत सारे स्थान ऐसे हैं, जहां अभी भी काफी काम लंबित है| खराब सड़कों की तरह खराब पावर सिस्टम भी देश में कई स्थानों में मौजूद हैं, जिनकी विफलताओं के परिणामस्वरूप बिजली कटौती होती रहती हैं|

कैसे कुछ स्थानों में बिजली कटौती बिलकुल नहीं होती हैं?

मुंबई जैसे देश में कई स्थान हैं, जहाँ शायद ही कभी बिजली कटौती होती हैं, और लोगो को यह सोच कर आश्चर्य भी होता है की यह कैसे संभव हैं? वैसे यह हमेशा संभव नहीं है, की इन स्थानों पर उत्पादन क्षमता हर वक़्त पर्याप्त हो| वे पीक मांग की अवधि के दौरान बिजली की खरीद उच्च कीमत पर करते है, इस बिजली को दूसरे राज्यों या निजी बिजली संयंत्रों द्वारा खरीदा जाता है| इसका परिणाम यह होता हैं, की यद्यपि बिजली की लागत अधिक होती है, परन्तु प्रकाश की उपलब्धता निरंतर और 24 घंटे उपलब्ध रहती है|

निष्कर्ष

ज्यादातर लोगों का ऐसा मानना ​​है कि हम बिजली कटौती की समस्याओं का समाधान उत्पादन क्षमता को बढ़ा कर, रिन्यूएबल समाधान अपनाकर और कोयले के साथ घटित भ्रष्टाचार को समाप्त कर हल कर सकते हैं| निश्चित रूप से, यह सभी समाधान आवश्यक तो होते हैं, परन्तु हम अपने नियमित उपकरणों को कुशल उपकरणों के साथ प्रतिस्थापित करके भी यह सुनिश्चित कर सकते हैं, की हम न केवल अपने आराम के समान स्तर को बनाये रखे, बल्कि बिजली की अनावश्यक खपत को भी अधिकतम स्तर तक कम रख सके|

About the Author:
.

Please use the commenting form below to ask any questions or to make a comment. Please do not put the same comment multiple times. Your comment will appear after some time. Also please note that we do not reply to emails or comments on social media. So if you have any question, please put it in the form below and we will try to reply to it as soon as possible. If you are asking for an appliance recommendation, please be as specific with your requirements as possible because vague questions like asking for "cheap and best" would get vague replies. We usually reply within a day.

Please do not put comments for backlinks as they will not be approved. The comments are moderated and will be marked as spam if you put them for backlinks.


अगर आप के कुछ भी सवाल हैं, वह आप नीचे दिए हुए सवाल-जवाब सेक्शन में पूछ सकते हैं। आप अपने सवाल हिंदी में भी पूछ सकते हैं और हम आपको हिंदी में ही जवाब देंगे। कृपया एक ही सवाल को बार बार ना डालें। आप एक बार जब "submit " बटन दबाएंगे, उसके बाद आपका सवाल यहाँ दिखने में थोड़ा टाइम लगेगा। कृपया धैर्य रखें। अगर हमारे पास आपके सवाल का जवाब है तो हम उसे जल्दी से जल्दी जवाब देने की कोशिश करेंगे। कृपया अपने सवाल ई मेल या सोशल मीडिया पर ना डालें। हम ज़्यादातर एक दिन में जवाब दे देते हैं।



Support Bijli Bachao
Although we do not charge for answering your questions, but it does take time and effort to go through all of them and reply. If you find the responses useful and would like to pay for our efforts, you can click on the image above or can send us payment via UPI at bijlibachao@upi
Top