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माइक्रोवेव ओवन: इनका विज्ञान; गैस स्टोव के साथ तुलना और कुछ मिथक/ वास्तविकताएं

By on January 28, 2020 with 3 Comments  

माइक्रोवेव ओवन, भारतीय बाजार में पिछले कुछ समय से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, हालांकि विगत के वर्षो में उन्होंने भारतीय रसोई में अपनी एक स्थायी पहचान बनायीं हैं| बिजली बचाओ पर हमे माइक्रोवेव ओवन खरीदने के लिए नियमित रूप से कई अनुरोध/सुझाव के लिए प्रश्न प्राप्त होते है और इस प्रकार हमने इस विषय को अनुसंधान के लिए चुना हैं| वर्तमान में भारत में ब्यूरो ऊर्जा माइक्रोवेव ओवन की ऊर्जा दक्षता के लिए किसी भी प्रकार की स्टार रेटिंग या मानकों को प्रदान नहीं करती हैं| भारत में किसी भी प्रकार के माइक्रोवेव ओवन मॉडल स्टार लेबल नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय दुनिया में अधिकांश देशो में भी अपनी ऊर्जा दक्षता के लिए माइक्रोवेव ओवन मूल्यांकित नहीं हैं| तो एक मॉडल के स्तर की तुलना में कहीं भी उपलब्ध नहीं है। लेकिन हमने उसके बावजूद अपना शोध जारी रखा और कुछ रोचक तथ्यो को पहचानना और उन्हें नीचे सूचीबद्ध किया है:

एक माइक्रोवेव कैसे काम करता है?

एक माइक्रोवेव ओवन के काम करने के लिए एक “मैग्नीत्रोन” नामक आवश्यक घटक/यंत्र होता हैं, जिससे विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा की तरंगे उत्पन्न होती है।यह विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा जब पानी के अणुओं तक पहुँच जाता है, उन्हें चार्ज कर आवश्यक गर्मी पहुँचाता है| इसके विपरीत, जब वह जब धातु की सतह तक पहुचता हैं, तब धातु की सतह उन्हें प्रतिबिंबित (रिफ्लेक्ट) करता हैं| सभी “माइक्रोवेव फ्रेंडली ‘ कंटेनरों के लिए, यह विद्युत चुम्बकीय लहरें कंटेनर के माध्यम से गुजरते हुए उनको हीटिंग न करते हुए, उनमे रखा हुआ मात्र भोजन को ही गर्म करती हैं|

ऊर्जा माइक्रोवेव की दक्षता और गैस स्टोव के साथ तुलना

एक माइक्रोवेव ओवन केवल खाने को ही गर्म करता हैं, कंटेनर और आसपास की हवा को नहीं, इससे हमे ऐसा आभास हो सकता हैं कि एक माइक्रोवेव ऊर्जा/बिजली का उपयोग करने में काफी कुशल होगा| माइक्रोवेव एक गैस स्टोव की तुलना में खाना गर्म करने के लिए बहुत कम समय लेता हैं, यह माइक्रोवेव ओवन की ऊर्जा दक्षता के लिए कुछ ठोस तर्क हैं|

माइक्रोवेव ओवन के साथ गैस स्टोव की तुलना करने के लिए, अमेरिकी ऊर्जा दक्षता द्वारा खाना पकाने के विभिन्न तरीकों का कुछ परीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया हैं और उन्होंने कुछ दिलचस्प तथ्य जरूर पाएं हैं, जिन्हे नीचे प्रस्तुत किया गया हैं

गैस माइक्रोवेव ओवन इलेक्ट्रिक हीटिंग इंडक्शन कुकिंग
ताप क्षमता 40% 55% 74% 84%

माइक्रोवेव ओवन गैस स्टोव की तुलना में ऊर्जा का प्रयोग करने में तो निश्चित रूप से बेहतर होते हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक हीटिंग या इंडक्शन कुकिंग की तुलना में यह उतने कुशल नहीं है। “मैग्नीत्रोन” नामक घटक जो विद्युत चुम्बकीय तरंगों को उत्पन्न करता है, अन्य उपकरणों की तुलना में अधिक बिजली का उपभोग करते है, इस कारण माइक्रोवेव ओवन अन्य उपकरणों की तुलना में थोड़ा कम कुशल माने जाते हैं|

पिछले एक लेख में जहाँ हमने विभिन्न कुकटॉप की तुलना (लिंक) की हैं, हमने इलेक्ट्रिक हीटिंग और इंडक्शन कुकिंग उपकरणों के साथ गैस स्टोव की तुलना की हैं| हमने हीटिंग लागत के आधार पर विभिन्न उपकरणों की तुलना की थी और पाया यह सभी लगभग एक ही लागत के हैं| माइक्रोवेव ओवन ताप विद्युत की तुलना में कम कुशल होते हैं, लेकिन निश्चित रूप से गैस स्टोव की तुलना में यह महंगे जरूर होते हैं|

माइक्रोवेव ओवन से संबंधित मिथकों और वास्तविकताओं से संबंधित अन्य शोध

माइक्रोवेव ओवन का उपयोग करने के नज़रिये से थोड़े महंगे जरूर होते है, लेकिन यह हमे इनके विभिन्न लाभ से दूर नहीं ले जा सकते| माइक्रोवेव ओवन के उपयोग के बारे में जरूर कुछ मिथक हैं, जिन्हे हम यहाँ पर दूर करने की चेष्टा करेंगे:

1) माइक्रोवेव ओवन भोजन में पोषक तत्वों को नष्ट करते हैं: हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (लिंक) के अनुसंधान के अनुसार, माइक्रोवेव ओवन के उपयोग मात्र से ऐसा नहीं होता है। विद्युत चुम्बकीय तरंगे पूरे भोजन को केवल गर्म करती हैं, लेकिन वे भोजन में पोषक तत्वों को नष्ट नहीं करती है

2) एक माइक्रोवेव के पास खड़े होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है: लोगों को ऐसा लागता हैं की माइक्रोवेव के पास खड़े होने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता हैं| ऐसी धारणा हैं माइक्रोवेव ओवन हानिकारक विकिरण का उत्पादन करते है| बाजार में इतने समय तक माइक्रोवेव ओवन की उपस्थिति को देखते हुए ऐसा लगता था, ऐसी सुरक्षा के बारे में चिंता लंबे समय पहले ही हल हो जानी चाहिए थी| माइक्रोवेव का शरीर धातु का होता हैं, विकिरण को अंदर ही रखने के लिए माइक्रोवेव के दरवाजे पर धातु का जाल होता हैं| अमेरिकी एफडीए के अनुसार माइक्रोवेव ओवन के विकिरण के कारण अभी तक कोई भी दुर्घटना-संबंधित दस्तावित मामला सामने नहीं आया हैं (लिंक)|

माइक्रोवेव ओवन का उचित प्रयोग के लिए आवश्यक ध्यान देने योग्य बातें:

1) माइक्रोवेव ओवन का उपयोग करते समय केवल माइक्रोवेव अनुकूल कंटेनरों का ही इस्तेमाल करना चाहिए| कुछ प्लास्टिक तत्व माइक्रोवेव विकिरण के संपर्क में आने के बाद हानिकारक रसायनों का उत्सर्जन करते हैं| इसलिए एक माइक्रोवेव ओवन के साथ माइक्रोवेव अनुकूलित कंटेनर का ही उपयोग करना हमेशा बेहतर होता है।

2) माइक्रोवेव ओवन में अन्य धातु के कंटेनर का उपयोग करने से बचना चाहिए| हालांकि, धातु माइक्रोवेव विकिरण को विक्षेपित (डेफलेक्ट) करते हैं और अमूमन वह गर्म भी नहीं होते हैं| लेकिन फिर भी माइक्रोवेव विकिरण के प्रभाव में आने से एक बिजली का क्षेत्र पैदा हो सकता है, जिससे सामयिक स्पार्क्स बन सकते हैं| इस वजह से माइक्रोवेव में धातु के कंटेनर का उपयोग का वर्जन करना ही बेहतर रहता हैं

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